Periodic table(आवर्त सारणी)

Periodic table in hindi | StudyTrac

PERIODIC TABLE IN HINDI आवर्त सारणी


आवर्त सारणी(Periodic table) Highschool science के most important chapters में से एक है।

What is periodic table?
आवर्त सारणी क्या है?

यह भी एक प्रकार का table ही है बस इसमें तत्वों(Elements) को उनके परमाणु क्रमांक(Atomic number) या परमाणु भार(Atomic weight) के बढते क्रम में रखा जाता है।

Why it was made?
क्यों बनाया गया?

periodic table बनने से पहले बहुत ही कम Elements की खोज हुई थी,उस समय लगभग 60 के आसपास elements की खोज हो चुका था।

हालांकि उस समय कम ही तत्व थे,लेकिन वे इधर-उधर बिखरे हुए थे जिससे सभी तत्वों का अलग-अलग अध्ययन करना पड़ता था।

सन् 1971 में रुसी वैज्ञानिक(scientist) सर डी० आई० मेण्डेलीफ(Sir D.I MENDELEEV) ने देखा की कुछ तत्वों के गुण समान हैं तो उन्होंने समान गुणों वाले तत्वो को एक समुह(group) में रखकर periodic table की रचना किया ।

इसका उपयोग (It’s use)

1-तत्वों का अध्ययन करना आसान हो गया क्योंकि किसी समूह (वर्ग) के एक तत्व का अध्ययन करने से उस समूह के सभी तत्वों का ज्ञान हो जाता है।

2-नये तत्वों के खोज में आसानी हुई क्योंकि periodic table में अज्ञात तत्वों का स्थान खाली छोडा गया था। etc.

Some definition related to P.T
आवर्त सारणी से संबंधित कुछ परिभाषाएँ।

आवर्त(period)-आवर्त सारणी में क्षैतिज पंक्तियों को period कहते हैं।

समूह{वर्ग(Group)}– आवर्त सारणी में ऊर्ध्वाधर पंक्तियों को Group कहते हैं।

संक्रमण तत्व(transition elements)-d-block के तत्वों को संक्रमण तत्व कहते हैं।

Primary periodic table of Mendeleev
मेण्डलीफ(Mendeleev) की पुरानी(मूल) आवर्त सारणी

इसका निर्माण सन् 1671 ई० में मेण्डलीफ(Mendeleev) द्वारा किया गया।

इसमें तत्वों को मेण्डलीफ के आवर्ती नियम के अनुसार उनके परमाणु भार के बढते क्रम में रखा गया है।

मेण्डलीफ का आवर्ती नियम– मेण्डलीफ ने बताया कि तत्वों के भौतिक(Physical) और रासायनिक(chemical) गुण(qualities) उनके परमाणु भार (Atomic weight) के आवर्ती फलन होते हैं अर्थात यदि तत्वों को उनके Atomic weight के बढते क्रम में रखें तो एक निश्चित अंतराल के बाद समान गुण वाले तत्वों की पुनरावृत्ति होती है।

इसके गुण(It’s qualities)

1– इसमें 9 वर्ग हैं।

2-इसमें 12 आवर्त हैं।

इसकी विशेषताएँ (It’s Features)

1-तत्वों के अध्ययन में सुविधा।

2-नये तत्वों के खोज में सुविधा।

3-कुछ तत्वों के Atomic weight की सही ज्ञान। etc.

इसकी कमियां (It’s drawbacks)

1-तत्वों का अभिलाक्षणिक गुण उनका Atomic number है atomic weight नहीं।

2-हाड्रोजन(H) का सही स्थान का निर्धारण -इस periodic table में H को दो समूहों (हैलोजन परिवार और s-block) में रखा गया है जो कि सही नहीं है।

3-atomic weight के क्रम होने के बावजूद 18Ar40(आर्गन) को 19K39(पोटैशियम) से पहले रखा गया है जो सही नहीं है। etc.

मेण्डलीफ की संशोधित(नयी) आवर्त सारणी
Revised periodic table of Mendeleev –

मेण्डलीफ के मुल periodic table की कमियों को देखते हुए मोजले(Moseley) ने उसमें संशोधन करके नये रुप में प्रस्तुत किया,जिसे मेण्डलीफ की संशोधित आवर्त सारणी के नाम से जाना जाता है।

मोजले ने बताया कि तत्वों के अभिलाक्षणिक गुण उनका Atomic number है।

इन्होंने आधुनिक आवर्त नियम दिया जिसके अनुसार¨ तत्वों के भौतिक व रासायनिक गुण उनके atomic number के आवर्ती फलन होते हैं।¨

इसकी विशेषताएँ (It’s Features)

1-इसमें तत्वों को उनके Atomic Number के बढते क्रम में रखा गया है।

2-इसमें 9 वर्ग तथा 7 आवर्त हैं।

3-इसमें 0 से VIII तक 9 समूह होते हैं।

4-किसी समूह में तत्वों के atomic number के साथ उनके गुणों में परिवर्तन होता है।

5-किसी समूह में तत्वों के atomic number में वृद्धि के साथ उनका आयनन विभव घटता है तथा उनका धात्विक और धन विधुती लक्षण बढता है।

6-इसमें अक्रिय गैसो को शून्य समूह में रखा गया है।

7– इसके पहले आवर्त में केवल 2 तत्व हैं इसलिए इसे अतिलघु आवर्त कहते हैं।

8-इसके दूसरे तथा तीसरे आवर्त को लघु आवर्त कहते हैं क्योंकि इनमें 8-8 तत्व हैं।

9-इसके चौथे व पाँचवें आवर्त को दीर्घ आवर्त कहते हैं क्योंकि इनमें 18-18 तत्व हैं।

10-इसके छठें व सातवें आवर्त को अतिदीर्घ आवर्त कहते हैं क्योंकि इनमें 32-32 तत्व हो सकते हैं।

11-2nd आवर्त के कुछ तत्व 3rd आवर्त के कुछ तत्वों के साथ विकर्ण सम्बन्ध प्रदर्शित करते हैं।

Eg- Li→Mg. Be→Al. B→Si.

12– 3rd आवर्त के तत्व प्रारूपी तत्व कहलाते हैं।

13-इसमें लेन्थेनाइड(lengthened) और एक्टिनाइड(actinide) श्रेणी के तत्वों को अलग रखा गया है।

इसके उपयोग(It’s use)

1-तत्वों के अध्ययन में सुविधा।

2-नये तत्वों के खोज मे सुविधा।

3-कुछ तत्वों के atomic number का संशोधन।

इसकी कमियां (It’s drawbacks)

1-H के निश्चित स्थान का निर्धारण न हो सका।

2-मोजले लेन्थेनाइड(lengthenide) और एक्टिनाइड(actinide) श्रेणी के तत्वों को अलग रखने का कारण नही बता पाएँ।

3-मोजले ने इस आवर्त सारणी में धातुओं(metals) और अधातुओं को एक साथ रखा है जो कि इसका बहुत बड़ा दोष है। etc.

Modern periodic table
आधुनिक आवर्त सारणी। –

मेण्डलीफ के संशोधित आवर्त सारणी की कमियों को देखते हुए आधुनिक आवर्त सारणी या दीर्घाकार आवर्त सारणी का निर्माण हुआ।

इसमें तत्वों को उनके इलेक्ट्रानिक विन्यास(Electronic structure) के बढते क्रम में रखा गया है।

इसके आवर्त नियम के अनुसार तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनके इलेक्ट्रानिक विन्यास के आवर्ती फलन होते हैं।

इसका विशेषताएँ(It’s Features)

1-इसमें 7 आवर्त तथा 18 वर्ग हैं।

2– इसमें तत्वों को उनके electronic structure के बढते क्रम में रखा गया है।

3-इस periodic table को चार ब्लॉक(s,p,d और f) में बाँटा गया है।

4-इसमें भी लैन्थेनाइड(lengthenide) और एक्टिनाइट(actinide) श्रेणी के तत्वों को अलग रखा गया है।

इसकी उपयोग(It’s use)

1-तत्वों के अध्ययन में सुविधा।

2-नये तत्वों के खोज में सुविधा।

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