जॉनी लीवर की जीवनी (Johny lever biography in hindi)

Johny lever biography in hindi

Johny lever biography in hindi ( जॉनी लीवर की जीवनी ) -: इस दुनिया में बहुत ही कम लोग ऐसे होते हैं , जो पैदा तो होते है , गरीबी में , निराशा में , ऐसे स्थिति में जहाँ से निकलने का कोई रास्ता नहीं होता , लेकिन फिर भी वह उस गरीबी और निराशा के तूफान का सामना करके आगे निकल जाते हैं , और दुनिया में अपना नाम कायम करते हैं |

Johny lever biography in hindi

इस लेख में हम के ऐसे ही व्यक्ति के बारे में जानने जा रहे हैं , जिनको दुनिया कॉमेडी किंग या कॉमेडी स्टार के नाम से जानती है , लेकिन कोई इस स्टार के उस काले भूतकाल की बाते नहीं जानता, जिससे निकलकर यह इतना बड़ा स्टार बना |

Johny lever biography

जी हाँ , हम बॉलीवुड के स्टार कॉमेडियन जॉनी लिवर के बारे में बात कर रहे हैं , जिनके बिना बॉलीवुड इंडस्ट्री फीकी है | अगर बॉलीवुड में कॉमेडी स्टारों की बात की जाये तो जॉनी लिवर का नाम सबसे पहले आता है , लेकिन क्या आप यह जानते हैं की जॉनी का past कैसा था ?

नहीं जानते तो चलिये जानते हैं , ‘ जॉनी लिवर की जीवनी ‘

जॉनी लिवर की जीवनी (Johny lever biography in hindi )

जॉनी लिवर का असली नाम जॉन प्रकाश राव जनुमाला है , इनका जन्म वर्ष 1956 ई० में आँध्रप्रदेश के प्रकाशम् जिले में हुआ था | इनके पिता प्रकाश राव जनुमाला  हिंदुस्तान लिवर कंपनी , महाराष्ट्र में काम करते थे |  यह भी अपने पिता जी के साथ वहीँ चले गए और इनका बचपन महाराष्ट्र के धारावी की झोपड़पट्टी में बिता | 
Johny lever biography in hindi
उनकी तीन बहनें और दो भाई हैं | बचपन में पैसों की कमी के चलते जॉनी केवल 7वीं  तक ही पढ़ पाएं | और पैसों की कमी को पूरा करने के लिए कलम(Pen) बेचना शुरू क्र दिया | पर इतना सब कुछ करने के बाद भी , उनके घर का खर्च नहीं चल पाता था और कभी-कभी उनको भूखा भी रहना पड़ता था | 
Johny lever biography in hindi
अपनी गरीबी से वह इतना परेशान हो गए थे की उन्होंने ट्रैन के आगे कूदकर आत्महत्या करने का फैसला किया | और ट्रैन की पटरी पर जाकर लेट गए , ट्रैन आ रही थी | तभी उनको अपनी बहनों का ख्याल आया , की मेरे मरने के बाद उनका क्या होगा | और वह तुरंत पटरी से हट गए और घर वापस चले आये | 
 
उसके बाद इन्होने भी हिंदुस्तान लिवर कंपनी में काम करना शुरू क्र दिया , जिसमे इनके पिताजी काम करते थे | बचपन से ही इनको फ़िल्मी अभिनेताओं की मिमिक्री(नक़ल करना ) करने का बड़ा शौक था और कंपनी में भी वह अपने वह अपने सहकर्मियों को मिमिक्री करके दिखाते थे | वहीँ उनके एक साथी ने उनको स्टेज शो करने का सुझाव दिया |
 Johny lever biography in hindi
और वह स्टेज शो करने लगे , लेकिन इससे भी उनको ज्यादा पैसे नहीं मिल पाते थे | उनके जीवन में सबसे बुरा दिन तब आया जब उनकी एक बहन की मौत हो गयी और इनको स्टेज शो के लिए जाना पड़ा | क्योकिं उनके घर में बहन के अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे |  किसी भी भाई के लिए इससे बुरा दिन कभी भी नहीं हो सकता |
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एक दिन वह स्टेज शो कर रहे थे , तभी उनको सुनील दत्त (प्रख्यात फिल्म निर्देशक और अभिनेता) ने देखा और उनके अंदर की प्रतिभा को पहचान गए | सुनील दत्त ने जॉनी लीवर को अपनी फिल्म ‘दर्द का रिश्ता’ में पहला ब्रेक दिया | इसी फिल्म से जॉनी के फ़िल्मी करियर की शुरुवात हुई | फिल्म ‘बाजीगर’ से उनको  सफलता प्राप्त हुई , और उसके बाद उन्होंने लगभग   350 से ज्यादा फिल्मों में काम किया |

Johny Lever – Personal life(जॉनी लिवर – व्यक्तिगत जीवन)

जॉनी लीवर की पत्नी का नाम सुजाता है , और इनकी एक बेटी(जैमी) तथा एक बेटा(जेस) है | जॉनी की की बेटी जैमी भी कॉमेडियन है | कुछ समय पहले जॉनी का बेटा जेस कैंसर जैसी बीमार से ग्रसित हो गया था , लेकिन भगवान का शुक्र है , की वह बच गया |
जॉनी लीवर की बेटी जेमी लीवर

 

इतनी बड़ी सफलता पाने वाले जॉनी से जब उनकी सफलता का राज़ पूछा जाता है तो कहते हैं , की जब भी दुःख और परेशानियां सताती थी तब मैं अपने में केवल एक ही बात बैठा लेता था

” कोई भी चीज़ ज्यादा देर तक नहीं रहती , इसलिए दुःख भी ज्यादा देर तक नहीं रहेगा”

जॉनी लीवर की कहानी यहाँ प्रकाशित करने का उद्देश्य यह है की हमारे अंदर अपनी अलग खूबी है , quality  है , बस हमें उसको  पहचानने की जरुरत है | और अगर हमने उसे पहचान लिया तो फिर हमें इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा |

Johny lever biography in hindi

अधिकांश युवा अपने अंदर की quality को पहचान नहीं पाते और इधर उधर भटकते रहते हैं | और दूसरों को देखकर सोचते रहते हैं , मैं भी ऐसा बन जाऊँ | ऐसे युवाओं को मैं कहना चाहूंगा की

“दूसरे के जैसा मत बनो , खुद के जैसा बनो जिससे लोग तुम्हारे जैसा बनने की चाहत रखें “

अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट पढ़ें –

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