यह पोस्ट “BA 2nd Semester Geography Syllabus in Hindi” उन छात्रों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है जो बीए द्वितीय सेमेस्टर में भूगोल (Geography) विषय की पढ़ाई कर रहे हैं। इसमें दिया गया सिलेबस राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) पर आधारित है, जिसे भारत के कई विश्वविद्यालयों द्वारा अपनाया गया है।
इस लेख में आपको BA 2nd सेमेस्टर भूगोल का सम्पूर्ण सिलेबस हिंदी में सरल भाषा में उपलब्ध कराया गया है। यदि आप जानना चाहते हैं कि नए शैक्षिक ढांचे के तहत द्वितीय सेमेस्टर में कौन-कौन से यूनिट और टॉपिक शामिल हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए अत्यंत लाभकारी होगी।
BA 2nd Semester Geography Syllabus in Hindi PDF (2025-26)
इस सेक्शन में BA 2nd Semester Geography Syllabus in Hindi PDF (2025–26) को नई शिक्षा नीति NEP-2020 और सेमेस्टर सिस्टम के अनुसार विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। यहाँ भूगोल विषय के पाठ्यक्रम की यूनिट-वाइज जानकारी, कोर्स आउटकम (Course Outcomes) और प्रत्येक अध्याय की सरल व स्पष्ट हिंदी में विस्तृत व्याख्या दी गई है।
विवरण (Details)
| बीए द्वितीय सेमेस्टर – भूगोल (Physical Geography) | |
|---|---|
| कार्यक्रम / कक्षा | बीए |
| वर्ष | बीए प्रथम वर्ष |
| सेमेस्टर | द्वितीय सेमेस्टर |
| विषय | भूगोल (Geography) |
| कोर्स कोड | A110201T |
| कोर्स का नाम | भौतिक भूगोल (Physical Geography) |
| कोर्स का प्रकार | कोर अनिवार्य (Core Compulsory) |
| क्रेडिट | 4 |
| अधिकतम अंक | 25 (आंतरिक) + 75 (सिद्धांत) |
| न्यूनतम उत्तीर्ण अंक | 40 |
| शिक्षण अवधि | प्रति सप्ताह 4 व्याख्यान |
कोर्स उद्देश्य (Course Outcomes)
देखो बबुआ 😄, ए कोर्स में हम तुमका इंसान और धरती 🌍 का पूरा खेल समझा देंगे।
एतना पढ़ लिए न, तो भूगोल किताब 📘 नहीं, पूरी कहानी 🎬 लगने लगेगा—
• सबसे पहले बबुआ, मानव भूगोल आखिर है क्या 🤔, इसका मतलब क्या निकलता है और पढ़ने से फायदा क्या है, ई सब बात दिमाग 🧠 में एकदम फिट हो जाएगा।
• तुम जान जाओगे कि इंसान और पर्यावरण 🌳🌊 का रिश्ता ससुराल-जैसा है—कभी इंसान कुदरत के बस में रहता है 😓, तो कभी कुदरत इंसान से नाराज़ हो जाती है 😤।
• भारत में भूगोल की सोच कैसे बनी 🇮🇳, और पुराणों में धरती-पानी-हवा 💨 का क्या जिक्र है, ई सब पढ़के लगेगा कि हमारे पूर्वज भी कम तेज नहीं थे 😎।
• आबादी कहाँ फूली हुई है 👨👩👧👦, कहाँ सूखी पड़ी है, और लोग रोज़गार 💼 के चक्कर में गाँव से शहर क्यों भागते हैं 🏃♂️, ए सब का पूरा हिसाब समझ में आ जाएगा।
• ज़्यादा भीड़-भाड़ 🚦 से क्या-क्या झंझट पैदा होता है और कम आबादी में काम कैसे अटक जाता है, ई भी साफ हो जाएगा 🧐।
• गाँव कैसे बसे 🏡, शहर कैसे फूले 🏙️, घर मिट्टी के क्यों होते हैं और पक्के कब बनते हैं, खासकर भारत के उदाहरण के साथ 🇮🇳, एकदम फिल्म की तरह समझ में आएगा 🎥।
• शिकार 🏹, मछली पकड़ना 🎣, पशुपालन 🐄, जंगल से सामान बटोरना 🌲 और आदिम खेती 🌾—इंसान ने शुरुआत में ई सब क्यों किया, ई कहानी भी पता चल जाएगी।
• संस्कृति 🎭 क्या चीज़ है, संस्कृति कैसे फैलती है 📡, जाति-धर्म-भाषा 🗣️ ने समाज का नक्शा कैसे बिगाड़ा और बनाया, ई सब अब भारी नहीं लगेगा 😌।
• आखिर में बबुआ, दुनिया की जनजातियाँ 🌍 और भारत की जनजातियाँ 🇮🇳—उनका जीवन, पहनावा 👕, खान-पान 🍚 और रहने का ढंग—सब पहचान में आने लगेगा 😃।
मतलब ए समझ लो बबुआ 😄—ए कोर्स पढ़के तुम सिर्फ पास ✔️ नहीं करोगे,
बल्कि इंसान, समाज और धरती 🌍 तीनों को नए नज़रिये से देखने लगोगे 👀✨।
इकाइयाँ (Units with Explanation and Examples)
देखो बबुआ 😄, अब हम एक-एक यूनिट को ऐसे समझाएँगे कि पढ़ते-पढ़ते दिमाग बोले—“अरे, ई तो आसान है!”
स्टाइल वही ठेठ, लेकिन बात पूरी पढ़ाई वाली 📘👇
Unit I: मानव भूगोल की अवधारणा, प्रकृति, अर्थ और क्षेत्र (Human Geography)
देखो बबुआ, मानव भूगोल मतलब इंसान और धरती का रिश्ता 🤝। इंसान कहाँ रहता है, कैसे रहता है, क्या खाता है, क्या पहनता है—ई सब धरती से जुड़ा हुआ है।
मानव भूगोल ये बताता है कि कुदरत (जलवायु, मिट्टी, पानी, पहाड़) इंसान के जीवन को कैसे प्रभावित करती है और इंसान बदले में कुदरत को कैसे बदल देता है 🌍।
अब भारत में भूगोल की समझ की बात करें तो पुराणों में भी नदियों, पर्वतों और धरती को माँ की तरह माना गया है।
उदाहरण: गंगा को माँ कहा गया, क्योंकि उसी के किनारे सभ्यताएँ पली-बढ़ीं।
मतलब साफ है—हमारे यहाँ भूगोल किताब से पहले जीवन में था 😎।
Unit II: मानव और पर्यावरण का संबंध – Determinism, Possibilism, Neo-determinism
अब बबुआ, ई यूनिट थोड़ा दार्शनिक है 🤔, लेकिन डरने का नहीं।
Determinism कहता है—इंसान सब कुछ प्रकृति के हिसाब से करता है।
उदाहरण: रेगिस्तान में रहने वाले लोग ऊँट पालते हैं 🐪, क्योंकि वहाँ खेत नहीं चल सकता।
Possibilism कहता है—प्रकृति रास्ता दिखाती है, लेकिन इंसान फैसला खुद करता है।
उदाहरण: पहाड़ों में लोग सीढ़ीनुमा खेती करते हैं 🌾।
Neo-determinism कहता है—दोनों मिलकर काम करते हैं।
मतलब बबुआ, न कुदरत पूरी मालिक है, न इंसान पूरा राजा 👑🌳।
Unit III: जनसंख्या – वृद्धि, वितरण और प्रवासन
ई यूनिट तो रोज़ की ज़िंदगी से जुड़ी है बबुआ 👨👩👧👦।
जनसंख्या वृद्धि मतलब लोग बढ़ते जा रहे हैं।
वितरण मतलब लोग हर जगह बराबर नहीं रहते—कहीं बहुत ज़्यादा, कहीं बहुत कम।
Migration (प्रवासन) क्यों होता है?
रोज़गार, पढ़ाई, शादी, बेहतर ज़िंदगी—सब कारण है 🧳➡️🏙️।
Over Population = ज़्यादा लोग, कम संसाधन 😓
Under Population = संसाधन बहुत, लोग कम
उदाहरण:
बिहार और यूपी में आबादी ज़्यादा,
राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में कम।
Unit IV: मानव बस्तियाँ – उत्पत्ति, प्रकार और प्रतिरूप
देखो बबुआ, इंसान अकेला नहीं रह सकता, इसलिए बस्तियाँ बनीं 🏡।
पहले नदी के किनारे गाँव बसे, फिर धीरे-धीरे शहर बने 🏙️।
Rural Settlement: खेती, खुली जगह, कम भीड़
Urban Settlement: नौकरी, फैक्ट्री, ज़्यादा भीड़
घर के प्रकार भी इलाके पर निर्भर करते हैं—
• पहाड़ में ढलानदार छत
• रेगिस्तान में मोटी दीवार
• बाढ़ वाले इलाके में ऊँचे मकान
मतलब घर भी भूगोल देखकर बनता है 😄।
Unit V: प्राथमिक क्रियाएँ (Primary Activities)
ई यूनिट बताती है कि इंसान ने पेट भरने के लिए शुरुआत में क्या-क्या किया 🍚।
Gathering: जंगल से फल-कंद बटोरना 🌲
Hunting: जानवरों का शिकार 🏹
Fishing: नदियों-समुद्र से मछली 🎣
Pastoral Herding: पशुपालन 🐄
Primitive Agriculture: साधारण खेती 🌾
उदाहरण:
आज भी कई जनजातियाँ शिकार और संग्रह पर निर्भर हैं।
मतलब आधुनिक खेती से पहले इंसान सीधा कुदरत से जुड़ा था 🌿।
Unit VI: सांस्कृतिक क्षेत्र, सांस्कृतिक प्रसार, जाति, धर्म और भाषा
अब बबुआ, ई यूनिट समाज को समझने की चाबी है 🔑।
Culture मतलब रहन-सहन, खाना-पीना, बोली-भाषा, त्योहार 🎉।
Cultural Diffusion मतलब संस्कृति फैलती है—
जैसे योग भारत से पूरी दुनिया में फैला 🧘♂️🌍।
Religion, Race, Language समाज को अलग-अलग पहचान देते हैं।
भारत में हर 100 किलोमीटर पर भाषा बदल जाती है—यही इसकी खूबसूरती है ❤️🇮🇳।
Unit VII: विश्व की जनजातियाँ
अब दुनिया घूम लेते हैं बबुआ ✈️🌍।
• Eskimos – बर्फीले इलाके, इग्लू में रहते हैं ❄️
• Masai – अफ्रीका, पशुपालन
• Bushman – शिकार पर निर्भर
• Bedouin – रेगिस्तान के खानाबदोश
इनकी ज़िंदगी देखकर समझ आता है कि भूगोल इंसान की आदत बना देता है।
Unit VIII: भारतीय जनजातियाँ
अब अपने देश पर लौटते हैं बबुआ 🇮🇳।
भारत में जनजातियाँ जंगल, पहाड़ और दूरदराज़ इलाकों में रहती हैं 🌲⛰️।
• Bhil, Gond, Santhal – खेती + जंगल
• Nagas – पहाड़ी क्षेत्र
• Jarawa – अंडमान, आज भी अलग जीवन
उदाहरण:
गोंड जनजाति आज भी जंगल को माँ मानती है 🌳🙏।
आख़िर में समझ लो बबुआ 😄
ई पूरा सेमेस्टर इंसान, समाज और धरती 🌍 को जोड़कर समझाता है।
अगर ए सब ध्यान से पढ़ लिए न—
तो भूगोल रटने का नहीं, समझने का विषय बन जाएगा ✔️✨
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